अल्मोड़ा। मां नंदा-सुनंदा के डोले की भव्य शोभायात्रा बुधवार को नगर में धूमधाम से निकाली गई। मां नंदा-सुनंदा को विदाई देने के लिए नगरवासियों के साथ ही दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दो दिनों से हो रही बारिश के बाद बुधवार को आसमान में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई, जिससे मेले में रौनक लौट आई। जिलाधिकारी द्वारा घोषित अवकाश के चलते बाजारों में सुबह से ही भीड़ जुटने लगी। मेले में पहुंचे बाहर के व्यापारियों के चेहरे, जो बारिश की वजह से पिछले दिनों मायूस थे, भीड़ देखकर खिल उठे। नगर की गलियों, बाजारों और घरों की छतों व बालकनियों से लोगों ने मां नंदा-सुनंदा के डोले के दर्शन किए। जगह-जगह महिलाओं ने पुष्प वर्षा और अक्षत अर्पित कर देवी को भावभीनी विदाई दी, वहीं भक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा से पहले मंदिर परिसर में मां नंदा-सुनंदा की आरती हुई। अपराह्न में शंखध्वनि के साथ डोले की यात्रा प्रारंभ हुई, जो मंदिर से निकलकर बसंल गली, शिखर तिराहा, माल रोड, लोहा शेर, कचहरी बाजार, थाना बाजार, पलटन बाजार, सिद्धनौला होते हुए कैंट और दुगालखोला तक पहुंची। इस दौरान रास्ते भर दर्शन करने वालों की भीड़ उमड़ी रही। दुगालखोला स्थित भगवती मंदिर, जिसे मां नंदा-सुनंदा का मायका माना जाता है, पहुंचने के बाद देर शाम विधि-विधान से दुगालखोला नौले में मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया। पूरे दिन नगर में उत्सव का माहौल बना रहा और भक्तिमय वातावरण में मां नंदा-सुनंदा की विदाई संपन्न हुई। मेले के दौरान पुलिस व्यवस्था चाक-चौबंद रही। मेले में व्यवस्था बनाने को जगह जगह पर पुलिसकर्मी मौजूद रहे। इस दौरान ट्रैफिक भी डाइवर्ट किया गया था।






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