हरिद्वार का केमिकल इंजीनियर शेयर बाजार में इस कदर डूबा कि जमा पूंजी गंवाने के बाद घर तक बिक गया। सिर पर कर्ज का पहाड़ खड़ा हो गया और पत्नी बच्चों के साथ मायके चली गई। शराब की लत में डूबे इंजीनियर को जब जीवन में उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आई, तो उसने मौत को ही आखिरी रास्ता समझ लिया।
मगर मौत का तरीका भी ऐसा चुना, जिसे सुनकर हर कोई सिहर उठे। उसने बाथरूम में कोयले की अंगीठी जलाई और वहीं सो गया, ताकि कोयले से निकलने वाली कार्बन डाईऑक्साइड गैस उसे हमेशा के लिए सुला दे।
यह दर्दभरी दास्तान है हरिद्वार के कनखल क्षेत्र के न्यू विष्णु गार्डन निवासी केमिकल इंजीनियर लव कुमार की, जो सिडकुल स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत थे।
पुलिस के अनुसार, लव कुमार ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले पत्नी को व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट भेजा था, जिसमें लिखा था — “मैं कार्बन डाईऑक्साइड से मरने जा रहा हूं।” इसके कुछ घंटे बाद मंगलवार सुबह उनका शव कमरे में मिला।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि लव कुमार ने शेयर बाजार में भारी निवेश किया था, जिसमें उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ। इस आर्थिक झटके के चलते उनका मकान बिक गया और वे कर्ज के गहरे जाल में फंस गए। परिवारिक हालात बिगड़ने लगे तो पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई।
परिजनों के मुताबिक, मृतक को शराब की लत थी। सुसाइड नोट में उन्होंने पिता पर संपत्ति का बंटवारा न करने का भी आरोप लगाया, जिससे उनका मानसिक तनाव और बढ़ गया था।
घटना की सूचना मिलते ही कनखल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और सुसाइड नोट की सामग्री का भी विश्लेषण किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला आर्थिक तंगी, कर्ज और पारिवारिक कलह से जुड़ी आत्महत्या का प्रतीत होता है। मृतक के मोबाइल और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि आत्महत्या की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लव कुमार पिछले कुछ महीनों से अवसाद में थे और बहुत कम ही लोगों से बातचीत करते थे। फिलहाल पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।






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