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  • Written By: Admin
  • Published: February 06, 2026 12:02 PM IST
  • Updated: February 06, 2026 12:03 PM IST
उत्तराखंड

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव: कांग्रेस में टिकट को लेकर असमंजस, भाजपा की रणनीति साफ

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा की तैयारियों में बड़ा फर्क नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला करने का संदेश दे रही है, लेकिन किस नेता को किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा, इस पर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है।

कांग्रेस में टिकट को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश नेतृत्व से लेकर दिग्गज नेताओं तक की सीटें तय नहीं हो सकी हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल स्वयं किस सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे, इस पर भी अभी निर्णय नहीं हुआ है।

वहीं, कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति की कमान संभाल रहे डॉ. हरक सिंह रावत की विधानसभा सीट भी तय नहीं है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनके प्रदर्शन के आधार पर टिकट पर फैसला लिया जाएगा और खराब परफॉरमेंस की स्थिति में टिकट कटने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहले ही विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा कर चुके हैं, हालांकि वे अपने बेटे के लिए टिकट की पैरवी कर रहे हैं। लेकिन वह किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, इस पर फिलहाल कोई स्पष्टता नहीं है।

दूसरी ओर, भाजपा ने चुनावी रणनीति को लेकर साफ संकेत दे दिए हैं। पार्टी नेतृत्व ने तय कर दिया है कि किसी भी मंत्री या विधायक को उसकी वर्तमान सीट के अलावा दूसरी सीट से टिकट नहीं दिया जाएगा। भाजपा ने अपने नेताओं को विधानसभा सीटों में बांधकर रखने की रणनीति अपनाई है, जिससे संगठन में भ्रम की स्थिति न बने।

2017 से सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय दिखाई दे रही है, लेकिन टिकट वितरण को लेकर भाजपा जैसी स्पष्ट और संगठित रणनीति पार्टी के पास फिलहाल नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस नेताओं के सामने यह चिंता भी है कि समय से पहले सीटों की घोषणा करने पर अन्य दावेदार विरोध में उतर सकते हैं।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि सभी राजनीतिक दल जीत की संभावना को ध्यान में रखकर टिकटों पर फैसला करते हैं। कांग्रेस भी आने वाले समय में चुनावी परिस्थितियों और जीत की संभावनाओं के आधार पर यह तय करेगी कि किस नेता को कहां से चुनाव लड़ाया जाए।

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