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  • Written By: Admin
  • Published: September 26, 2025 11:29 PM IST
उत्तराखंड

शिक्षक ने मांगों को लेकर पीएम को खून से लिखा पत्र

उत्तरकाशी। प्रधानाचार्य सीधी भर्ती निरस्त करने, पदोन्नति, स्थानांतरण सहित 34 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत शिक्षकों का आक्रोश दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार की उदासनीता से आक्रोशित शिक्षक मुरली मनोहर भट्ट ने प्रधानमंत्री को अपने खून से लिखा पत्र प्रेषित कर शीघ्र मांगों के निस्तारण की मांग की। बता दें कि राजकीय शिक्षक संघ गत एक माह से क्रमबद्ध आंदोलनरत है। 18 अगस्त से शुरू हुए इस आंदोलन के अंतर्गत शिक्षक चॉक डाउन, ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने के बाद गत 17 सितंबर को राजधानी देहरादून में प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींच रहे हैं। बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। शिक्षक मुरली मनोहर भट्ट सहित राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि वह प्रधानाचार्य सीधी भर्ती को निरस्त करने, वेतन विसंगति का निस्तारण, वार्षिक पारदर्शी स्थानांतरण प्रक्रिया एवं चयन प्रोन्नत वेतन सहित 34 मांगों को लेकर वर्षों से आंदोलनरत है। लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। वहीं शिक्षकों ने अब अंतिम पुकार के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित पत्र अपने खून से लिखा है। जिसमें उत्तरकाशी के एलटी ग्रेड शिक्षक, राजकीय शिक्षक संघ गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी के डॉ. मुरली मनोहर भट्ट ने अपने खून से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह कदम उठाया है।

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