भारतीय जनता पार्टी द्वारा उत्तराखंड में धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर मनाए जा रहे जश्न को कांग्रेस ने प्रदेश की जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने वाली हरकत करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि चाहे इस कार्यकाल के चार साल हों या पिछली सरकार के पांच साल, इन कुल नौ वर्षों में उत्तराखंड विकास की पटरी से पूरी तरह उतर चुका है। धस्माना के अनुसार, त्रिवेंद्र सिंह रावत से लेकर धामी-2 सरकार तक, प्रदेश ने केवल बदहाली और पिछड़ापन ही देखा है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए धस्माना ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र किया और राजधानी देहरादून की सड़कों पर बोरों व बैगों में मिल रही लाशों को कानून-व्यवस्था की विफलता का प्रमाण बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड महिला हिंसा के मामलों में पहले पायदान पर क्यों पहुँच गया है। प्रदेश में बेरोजगारी का संकट भी गहराता जा रहा है; सरकारी विभागों में भर्तियां ठप हैं और पिछले आठ वर्षों से पुलिस महकमे में दरोगाओं व सिपाहियों की भर्ती न होने से कानून-व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत का जिक्र करते हुए धस्माना ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूल लगातार बंद हो रहे हैं और सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में नियुक्तियों पर लंबे समय से लगे प्रतिबंध के कारण कई संस्थान बंदी के कगार पर खड़े हैं। साथ ही, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के कोटे का बैकलॉग लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसे भरने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। धस्माना ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि सरकारी संरक्षण में फल-फूल रहे भ्रष्टाचार और बदहाली से त्रस्त जनता अब भाजपा का असली चेहरा पहचान चुकी है और आने वाले विधानसभा चुनावों में सत्ता परिवर्तन का संकल्प ले चुकी है।






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