ऋषिकेश: नगर निगम ऋषिकेश ने शहर को स्वच्छ, पवित्र और स्वास्थ्यपूर्ण बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मन्दिर, स्कूल एवं गंगा घाट के 200 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।
महापौर शंभू पासवान की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब किसी भी व्यापारी को तंबाकू बेचने के लिए नगर निगम में अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा। उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और चालानी कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि ऋषिकेश अब उत्तराखंड का पहला और देश के उन 7-8 चुनिंदा शहरों में शामिल है, जो इस तरह की तंबाकू नियंत्रण नीति लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं है, बल्कि एक जवाबदेह व्यवस्था बनाना है। तंबाकू हमारी युवा पीढ़ी के लिए धीमा जहर है और इसे रोकना हमारी प्राथमिकता है।”
शहर में अब तक 134 दुकानें तंबाकू बिक्री हेतु चिन्हित की गई हैं, जिनमें से 18 का पंजीकरण हो चुका है। शेष दुकानों को जल्द ही पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम इस मुहिम में बालाजी सेवा संस्थान का भी सहयोग प्राप्त कर रहा है। संस्थान के विशेषज्ञ लोगों को तंबाकू से होने वाले कैंसर और अन्य घातक बीमारियों के प्रति जागरूक करेंगे।
बैठक में नगर आयुक्त, प्रभारी कर अधीक्षक भारती, बालाजी सेवा संस्थान के डॉ. सोनम, डॉ. राना जे. सिंह, मोर्गन क्रेहर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
ऋषिकेश की यह पहल शहर को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगी और युवाओं को तंबाकू के खतरों से बचाने में अहम भूमिका निभाएगी।






.jpeg)








Copyright © 2026 News Bank. Designed & Developed by Digital Clik