ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: February 06, 2026 09:29 PM IST
  • Updated: February 06, 2026 09:29 PM IST
उत्तराखंड

कोटद्वार प्रकरण: सामाजिक सद्भाव बचाने वालों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

रामनगर।उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी एवं विभिन्न सामाजिक राजनीतिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने समाज में सामाजिक सद्भाव एवं भाईचारा बनाए रखने के लिये अपनी जान जोखिम में डालने वाले कोटद्वार निवासी  दीपक कुमार, विजय रावत और अन्य लोगों पर पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया है। शुक्रवार को उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रधान महासचिव राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी की अगुवाई में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में बताया है कि जब पूरा देश 26 जनवरी 2026 को  गणतंत्र दिवस मना रहा था।उसी दिन बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं के द्वारा जनपद पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में व्यवसाय करने वाले एक समुदाय विशेष के बुजुर्ग दुकानदार की दुकान पर जाकर उनसे अभद्रता ,गाली गलौज करने लगे। जब विवाद बढ़ा तो नफरत से भरे बजरंग दल के कार्यकर्ता हिंसक होने लगे तो नजदीक में खड़े जिम व्यवसाय दीपक कुमार एवं उनके साथी बीच बचाव करने की कोशिश करने लगे। नफरती बजरंग दल के कार्यकर्ता उनसे भी अभद्रता एवं गाली गलौज करने लगे। दीपक कुमार एवं उनके साथियों के बीच बचाव में आने से एक बहुत बड़ी घटना होने से रह गई जिसके कारण नफरती  कार्यकर्ताओं को वहां से जाने को मजबूर होना पड़ा। जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में देश दुनिया के लोगों ने देखा तो  उन्होंने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा की गयी  कार्रवाई की निंदा की वही लोगों ने  दीपक कुमार,  विजय रावत एवं उनके साथियों के तारीफ करने लगे कि उन्होंने हिम्मत दिखाकर सांप्रदायिक तनाव होने से बचा लिया।इस घटना के बाद समाज में अपने को अपमानित महसूस होने के बाद बजरंग दल से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक रूप से कोटद्वार आकर दीपक कुमार एवं उसके साथियों को देख लेने एवं सबक सिखाने की धमकी दी और सैकड़ो की संख्या में कोटद्वार पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम का दुखद पहलू है कि जिन लोगों के ऊपर कानून व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी थी उन लोगों ने उन नफरतों की कार्यकर्ताओं को कोटद्वार आने दिया। उन नफरती कार्यकर्ताओं ने सत्ता के संरक्षण की हनक दिखाते हुए पुलिस कर्मियों से भी अभद्रता की। दीपक कुमार के जिम के  के बाहर जाकर गाली गलौज, जान से मारने की नीयत से हमला करने की कोशिश की। हद तो तब हो गई जब कोटद्वार पुलिस ने सामाजिक सद्भाव, भाईचारा की मिसाल बने दीपक कुमार ,विजय रावत एवं उनके साथियों के खिलाफ  गंभीर धाराओं में फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया।जिन्होंने पुलिस  प्रशासन की मौजूदगी में गाली गलौज अभद्रता ,हिंसा करने की कोशिश की उनके खिलाफ अज्ञात धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस प्रशासन कि इस पूरी कार्रवाई से संविधान,लोकतंत्र, कानून के शासन की बात मजाक बनकर रह गई है। उन्होंने राज्यपाल से संविधान एवं लोकतंत्र के संरक्षक होने के नाते ज्ञापन में मांग की गई सामाजिक सद्भाव के प्रतीक बने दीपक कुमार ,विजय रावत सहित उनके साथियों पर दर्ज  मुकदमा खत्म किया जाए।बजरंग दल से जुड़े उन तमाम सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।सार्वजनिक घोषणा के बावजूद भी पौड़ी पुलिस -प्रशासन द्वारा घटना का गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया।  जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संवैधानिक पद पर विराजमान मुख्यमंत्री,मंत्रीगणों,  विधायकों एवं  जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा जो समय -समय पर हेट स्पीच दी जाती है जिसके कारण समाज में वैमनस्यता,नफरत,तनाव फैल रहा है उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई  करने की मांग की गई है। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रधान महासचिव राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी, मनमोहन अग्रवाल, चिंताराम ,लालमणि ,आसिफ ,किरण आर्य, बहुजन समाज पार्टी के एडवोकेट विनोदअंजान, कांग्रेस के अतुल अग्रवाल एडवोकेट, साइंस फांर सोसायटी के एडवोकेट मदन मेहता, पूर्व सचिव रामनगर बार एडवोकेट सुखदेव सिंह, एडवोकेट प्रमोद कुमार कुलसुम जहां आदि मौजूद रहें।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×