हरिद्वार। धर्मनगरी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले कार्यालयों में से एक 'हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण' (HRDA) से सुरक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार की सुबह जब कर्मचारी दफ्तर पहुंचे, तो नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। प्राधिकरण की उपाध्यक्ष (VC) सोनिका के सुरक्षित चैंबर में एक नशेड़ी बेधड़क सो रहा था।
चैंबर में उत्पात: नशेड़ी ने केवल घुसपैठ ही नहीं की, बल्कि उपाध्यक्ष के कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की। उसने वहां रखी कीमती कुर्सियों की सीटें तक फाड़ डालीं।
सुबह खुला राज: जब सुबह कर्मचारी काम पर आए, तो उन्होंने देखा कि एक अनजान व्यक्ति वीसी की कुर्सी के आसपास बेसुध पड़ा है।
चच्चा-बच्चा गायब: कर्मचारियों के शोर मचाने पर नशेड़ी मौका पाकर वहां से फरार होने में कामयाब रहा। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश कर रही है।
हैरानी की बात यह है कि एचआरडीए कार्यालय की सुरक्षा के लिए होमगार्ड से लेकर निजी सुरक्षा कर्मियों की एक बड़ी टीम तैनात रहती है। इसके बावजूद:
कहाँ थे पहरेदार? कोई बाहरी व्यक्ति रात के अंधेरे में मुख्य भवन पार कर सीधे वीसी के केबिन तक कैसे पहुंच गया?
कैसे खुला ताला? क्या उपाध्यक्ष के कार्यालय का दरवाजा खुला था या नशेड़ी ने उसे किसी तकनीक से खोला?
CCTV का क्या हुआ? क्या रात के समय मॉनिटरिंग के लिए कोई जिम्मेदार व्यक्ति तैनात नहीं था?
घटना के बाद से प्राधिकरण में हड़कंप मचा हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का मुआयना किया। पुलिस का मानना है कि नशेड़ी किसी खिड़की या पिछले रास्ते से दाखिल हुआ होगा। हालांकि, यह घटना केवल एक चोरी या तोड़फोड़ का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की विफलता है।
"यह बेहद गंभीर मामला है। यदि कोई नशेड़ी वहां पहुंच सकता है, तो कोई अपराधी भी पहुंच सकता था। सुरक्षा में तैनात कर्मियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।" — सूत्र, HRDA
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी दफ्तरों में तैनात सुरक्षाकर्मी कितने मुस्तैद हैं। जब एक नशेड़ी रात भर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर वहीं सो सकता है, तो आम जनता की फाइलों और गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।






.jpeg)








Copyright © 2026 News Bank. Designed & Developed by Digital Clik