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  • Written By: Admin
  • Published: September 25, 2025 10:21 PM IST
उत्तराखंड

पौड़ी में भी युवाओं ने पेपर लीक प्रकरण के विरोध में आक्रोश रैली निकाली

पौड़ी  उत्तराखंड में हुए पेपर लीक प्रकरण के विरोध में  गुरुवार को पौड़ी में भी युवाओं ने पेपर लीक प्रकरण के विरोध में आक्रोश रैली निकाली।  पौड़ी के मुख्य बस अड्डे से कलेक्ट्रेट तक रैली का आयोजन किया गया।  कलेक्ट्रेट के पास बड़ी संख्या में एकत्र होकर युवाओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। युवाओं ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में पहले ही रोजगार के साधन सीमित हैं।  जिस कारण लगातार पलायन हो रहा है।  वे लंबे समय से कड़ी मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।  लेकिन नकल माफियाओं जैसे लोगों द्वारा लाखों रुपये लेकर पेपर बेचना दुर्भाग्यपूर्ण है।  उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा के कुछ समय बाद ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।  जिससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।  युवाओं ने मांग करते हुए प्रदेश सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाने और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।  ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी के सपनों के साथ खिलवाड़ न हो। युवाओं ने आरोप लगाया कि सत्ता और तंत्र की नाकामी के कारण हाकम सिंह जैसे लोग बार-बार जेल से बाहर आकर वही काला कारोबार दोहराते हैं और मेहनतकश युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर देते हैं।  युवाओं का कहना था कि वे सालों से कड़ी मेहनत कर तैयारी कर रहे हैं।  कई अभ्यर्थी गांव-घर से दूर किराए पर रहकर दिन-रात पढ़ाई करते हैं।  परिवार आर्थिक बोझ सहता है।  लेकिन जब अचानक उन्हें पता चलता है कि जिस परीक्षा की तैयारी में वे जी-जान लगा रहे थे, उसका प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बिक चुका है, तो उनका मनोबल पूरी तरह टूट जाता है। अभ्यर्थी आशीष नेगी ने आरोप लगाया कि मौजूदा कार्यकाल में भी हाकम सिंह जैसे लोग जेल से बाहर आकर दोबारा परीक्षा पत्र बेचने का काम कर रहे हैं।  इससे साफ जाहिर होता है कि प्रदेश में कोई सख्त निगरानी व्यवस्था नहीं है।  ऐसे हालात में युवाओं को यह विश्वास नहीं हो पा रहा है कि वे अपनी मेहनत और ईमानदारी से नौकरी हासिल कर पाएंगे या नहीं।  युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।  उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि पूरे पहाड़ और प्रदेश के भविष्य का सवाल है।

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