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  • Written By: Admin
  • Published: February 16, 2026 07:09 PM IST
  • Updated: February 16, 2026 07:10 PM IST
उत्तराखंड

हल्द्वानी में ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ की सख्ती: बाहरी और संदिग्धों का होगा सत्यापन, एक माह चलेगा विशेष अभियान

हल्द्वानी। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने सख्ती का बिगुल बजा दिया है। आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से “ऑपरेशन क्रैक डाउन वेरिफिकेशन ड्राइव” की शुरुआत की गई है।

यह अभियान पूरे नैनीताल जिले में एक माह तक सघन रूप से चलाया जाएगा, जिसमें बाहरी व्यक्तियों, अल्पज्ञात लोगों और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खास फोकस

उत्तराखण्ड पुलिस के शीर्ष स्तर से मिले निर्देशों के बाद शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित वातावरण देना है।

पुलिस विशेष रूप से उन स्थानों पर फोकस कर रही है जहां बाहरी व्यक्तियों का अस्थायी निवास अधिक रहता है।

होटल, होम स्टे से लेकर कोचिंग संस्थानों तक जांच

अभियान के तहत आश्रम, धर्मशाला, होटल, होम स्टे, हॉस्टल, पेइंग गेस्ट हाउस, फैक्ट्री और कोचिंग संस्थानों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। वहां रह रहे या कार्यरत लोगों का सत्यापन किया जाएगा।

बाहरी राज्यों और देशों से आए छात्रों व अल्पावधि ठहरे व्यक्तियों के पहचान पत्रों की जांच भी अनिवार्य की गई है।

वरिष्ठ अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग

एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को विशेष टीमें गठित कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अभियान की निगरानी एसपी नैनीताल और एसपी हल्द्वानी स्तर के अधिकारी स्वयं कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

संदिग्धों पर रहेगी कड़ी नजर

स्थानीय पुलिस के साथ अभिसूचना इकाई और एसओजी/एसटीएफ की टीमें भी सक्रिय रहेंगी। संदिग्ध और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाएगी।

पुलिस ने आम जनता और मकान मालिकों से भी अपील की है कि वे किरायेदारों का सत्यापन अवश्य कराएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना गोपनीय रूप से पुलिस को दें।

सुरक्षित माहौल बनाने की पहल

एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि इस अभियान का मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षित वातावरण बनाना है। पुलिस का मानना है कि समय रहते सत्यापन और निगरानी से बड़ी आपराधिक घटनाओं को रोका जा सकता है।

जिले में चल रहा यह अभियान आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था की नई मिसाल कायम कर सकता है।

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