लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर कल यानी 18 फरवरी को होने वाली प्रस्तावित महारैली ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। मंगलवार को लालकुआं कोतवाली परिसर में सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी और उपजिलाधिकारी ने बिंदुखत्ता संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आंदोलन को शांतिपूर्ण रखना और कानून व्यवस्था की स्थिति को स्पष्ट करना था।
प्रशासनिक रुख: सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेई ने दो टूक कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध का सबको अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
सुरक्षा घेरा: एसपी सिटी मनोज कत्याल ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। रूट चार्ट और जनसभा स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।
रूट और टाइमिंग: एसडीएम प्रमोद कुमार और तहसीलदार कुलदीप पांडे ने संघर्ष समिति से महारैली का रूट, समय और जनसभा की विस्तृत जानकारी ली।
समिति के पदाधिकारियों ने बैठक में साफ कर दिया कि बिंदुखत्ता की जनता अब और इंतजार करने के मूड में नहीं है।
प्रशासन ने समिति से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि रैली के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। उपजिलाधिकारी ने रैली के रूट को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि लालकुआं और आसपास के क्षेत्रों में जाम की स्थिति पैदा न हो।
बिंदुखत्ता का राजस्व गांव का मुद्दा दशकों पुराना है। वर्तमान में इसे वन ग्राम होने के कारण कई सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलने में तकनीकी दिक्कतें आती हैं। 18 फरवरी की इस रैली को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर शासन और खुफिया विभाग की भी पैनी नजर है।






.jpeg)








Copyright © 2026 News Bank. Designed & Developed by Digital Clik