नैनीताल/हल्द्वानी। 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हुए उपद्रव मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस मामले में आरोपियों की रिहाई का सिलसिला तेज हो गया है। बुधवार को नैनीताल उच्च न्यायालय से तीन और आरोपियों को जमानत मिलने के बाद अब इस मामले में जेल से बाहर आने वालों की कुल संख्या 85 पहुंच गई है।
जमीअत की पैरवी लाई रंग जमीअत उलेमा-ए-हिंद (मौलाना अरशद मदनी) इस मामले में शुरुआत से ही कानूनी सहायता प्रदान कर रहा है। संगठन के जिलाध्यक्ष मौलाना मुकीम कासमी ने बताया कि हाईकोर्ट में की जा रही लगातार पैरवी के चलते ज़िया उर रहमान और रईस अहमद उर्फ दत्तू को जमानत मिल गई है। उन्होंने इस निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन अन्य आरोपियों की रिहाई के लिए भी मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।
कांग्रेस नेता मोकिन सैफी को भी राहत! सूत्रों के हवाले से खबर है कि इसी मामले में जेल में बंद कांग्रेस नेता मोकिन सैफी को भी आज उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है। हालांकि, देर शाम तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी थी। मोकिन सैफी की जमानत को इस प्रकरण में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
क्रमवार सुनवाई और सबकी निगाहें बनभूलपुरा हिंसा उत्तराखंड की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक रही है। हिंसा के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां की थीं। फिलहाल हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाओं पर क्रमवार सुनवाई हो रही है। जमीअत पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि आगामी दिनों में कुछ और लोगों को अदालत से राहत मिल सकती है।
घटना की तिथि: 8 फरवरी 2024
ताजा जमानत: 03 आरोपी (ज़िया उर रहमान, रईस अहमद, मोकिन सैफी)
कुल जमानत: अब तक 85 लोगों को मिल चुकी है राहत।
पैरवी: जमीअत उलेमा-ए-हिंद द्वारा दी जा रही है कानूनी मदद।






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