ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: June 10, 2026 04:50 PM IST
  • Updated: June 10, 2026 05:14 PM IST
राज्य

सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान में 11-12 जून को आयोजित होगा दालचीनी विषयक अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि संस्थान द्वारा 11 एवं 12 जून को “दालचीनीः प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौघोगिकियों में नवाचार” विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
आज यहां कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मीडिया सेंटर, सचिवालय में सगन्ध पौध केन्द्र, देहरादून में आयोजित होने वाली दालचीनी विषयक दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के सम्बन्ध में प्रेस वार्ता की। इस मौके पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री के देश के सबसे अधिक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सेलाकुई, देहरादून स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र का नाम परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान किया गया है। यह संस्थान एरोमैटिक सेक्टर का एक प्रमुख संस्थान है, जो सगन्ध पौधों कीे खेती, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण, अनुसंधान एवं विकास तथा व्यवसायीकरण के क्षेत्र में कार्यरत है। विगत दो दशकों में संस्थान द्वारा शोध कार्यों के माध्यम से राज्य में सगन्ध खेती के द्वारा लगभग 10 हजार हे. भूमि को आच्छादित किया है, जिससे 109 एरोमा कलस्टरों में 29 हजार किसान खेती कर रहे है तथा 200 से अधिक फील्ड डिस्टीलेशन यूनिट स्थापित की गयी है। वर्ष 2003 में जहां एरोमैटिक सेक्टर का टर्नओवर रु. 02 करोड था वहीं वर्ष 2025 में बढकर रू. 100 करोड़ से अधिक पहुँच चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य में सगन्ध खेती की सफलता एवं स्वीकार्यता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा एरोमैटिक सेक्टर को बढ़ाने हेतु महक क्रान्ति नीति 2026 लागू की गयी है। इसके अन्तर्गत लगभग 23 हजार हे. भूमि को सगन्ध खेती से आच्छादित कर 91 हजार कृषकों को लाभान्वित किया जायेगा तथा 7 एरोमा वैलियां भी विकसित की जायेंगी। इस नीति के अंतर्गत चम्पावत एवं नैनीताल जनपदों में लगभग 5200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में “सिनेमन वैली” विकसित की जा रही है, जिससे किसानों, उघमियों और उघोगों के लिए नए अवसर सृजित होंगे। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा 11 एवं 12 जून 2026 को “दालचीनीः प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौघोगिकियों में नवाचार” विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन उत्तराखण्ड सरकार की महत्वाकांक्षी “उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति 2026कृ36” के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य दालचीनी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देना, किसानों को उन्नत तकनीकों एवं वैश्विक अनुभवों से परिचित कराना, अनुसंधान, उघोग और कृषकों के बीच समन्वय स्थापित करना, गुणवत्ता आधारित उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करना, खाघ सुरक्षा, गुणवत्ता मानकों एवं निर्यात आवश्यकताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सिनेमन आधारित उघमिता एवं निवेश को प्रोत्साहित करना, उत्तराखण्ड को दालचीनी उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। बताया गया कि इस सेमिनार में दालचीनी (सिनेमन) से सम्बन्धित अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है, जिसमें श्रीलंका के नेशनल सिनेमन रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर के विशेषज्ञ एवं प्योर सिनेमन एक्सपोर्ट्स के निदेशक तथा इंडोनेशिया से रिसर्च सेंटर फॉर एस्टेट क्रॉप्स के विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे। इनके अतिरिक्त भारत के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ, 40 डेलीगेशन एवं 50 सिनामन के किसानों एवं विभिन्न विभागीय अधिकारियों आदि द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इस मौके पर निदेशक, संगध पौधा केन्द्र (कैप) सेलाकुंई डॉ. नृपेन्द्र चौहान भी मौजूद रहे।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×