खटीमा। खटीमा के कुटरी गांव में ईसाई धर्म अपना चुके थारू जनजाति के 70 लोगों ने गुरुवार को दोबारा सनातन धर्म अपना लिया।
हरेला पर्व के अवसर पर ग्राम प्रधान की उपस्थिति में साधु-संतों द्वारा विधिवत शुद्धिकरण हवन-यज्ञ कराया गया, जिसके बाद इन सभी ग्रामीणों की स्वधर्म में वापसी हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले कुटरी गांव के भोले-भाले थारू आदिवासियों को बहला-फुसलाकर उनका मतांतरण कराया गया था।
इस घटना से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश था। ग्रामीणों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मतांतरण के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की थी।इस बीच, कुटरी की ग्राम प्रधान दीपा देवी ने पहल करते हुए प्रधान प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह, मनोहर पांडे, दीवान रावत, कविंद्र कफलिया और राधेश्याम राणा के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों से संवाद स्थापित किया।समझाए जाने के बाद सभी लोग स्वेच्छा से सनातन धर्म में लौटने को तैयार हो गए।
गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में पंडित हरीश जोशी और साधु मोहन गिरी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण यज्ञ संपन्न कराया।
यज्ञ के बाद सभी 70 ग्रामीणों को कलावा बांधकर और चरणामृत पिलाकर सनातन धर्म में शामिल किया गया। ग्राम प्रधान दीपा देवी ने कहा कि अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए समाज को जागरूक होना जरूरी है। सभी को ऐसे प्रयासों के लिए आगे आना चाहिए ताकि कोई भी असामाजिक तत्व सीधे-साधे लोगों को गुमराह न कर सके। उन्होंने क्षेत्रवासियों से मतांतरण कराने वाले गिरोहों के झांसे में न आने की अपील की।






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