ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: October 03, 2025 11:35 PM IST
  • Updated: October 03, 2025 11:35 PM IST
उत्तराखंड

विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में 51वां कृषि विज्ञान मेला आयोजित

अल्मोड़ा। भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के हवालबाग स्थित प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र में शुक्रवार को 51वां कृषि विज्ञान मेला आयोजित किया गया। 'विकसित कृषि, विकसित राष्ट्र' थीम पर आयोजित इस मेले का शुभारंभ परिषद गीत के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा रहे। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में जब अल्मोड़ा के विवेकानन्द संस्थान का नाम सुनाई देता है तो उन्हें गर्व का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि संस्थान न केवल नकदी फसलों, मक्का, मंडुआ जैसी पारंपरिक पर्वतीय फसलों की उन्नत प्रजातियां विकसित कर रहा है बल्कि उच्च पोषणयुक्त किस्मों को भी सामने ला रहा है। उनके अनुसार यदि युवा बंजर भूमि को उपजाऊ बनाकर खेती-बाड़ी अपनाएंगे तो इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में सहयोग मिलेगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ऐसे कृषि संस्थानों की तकनीकों का लाभ उठाकर अपनी आजीविका मजबूत करें। संस्थान के निदेशक लक्ष्मी कान्त ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि संस्थान प्रतिवर्ष दो कृषि विज्ञान मेले आयोजित करता है, एक खरीफ और दूसरा रबी सीजन से पहले। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष संस्थान ने 14 नई प्रजातियां विकसित की हैं जिनमें मक्का की पांच, मंडुआ की तीन, धान और मटर की दो-दो तथा मादिरा और चुआ की एक-एक प्रजाति शामिल है। उन्होंने पोषणयुक्त मक्का की प्रजाति वी.एल. त्रिपोशी और वी.एल. पोषिका का उल्लेख करते हुए मशरूम उत्पादन में सहायक जीवाणु, बकवीट डीहलर, महिला सशक्तिकरण से जुड़ी तकनीकें और पॉलीहाउस सब्जी उत्पादन जैसी उपलब्धियों की जानकारी दी। अल्मोड़ा नगर निगम के मेयर अजय वर्मा ने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु खेती के लिए उपयुक्त है और यदि युवा लगन से कृषि करें तो बेरोजगारी कम हो सकती है। पूर्व निदेशक जे.सी. भट्ट ने संस्थान की प्रजातियों की सराहना करते हुए कहा कि ये न केवल पर्वतीय क्षेत्रों बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी बेहतर परिणाम दे रही हैं।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×