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  • Written By: Admin
  • Published: September 09, 2026 04:32 PM IST
राज्य

जर्जर भवनों पर डीएम सख्तः चिन्हीकरण के निर्देश

तकनीकी जांच के बाद ही भवन को जर्जर घोषित करेंः जिलाधिकारी


देहरादून। जर्जर एवं संभावित रूप से असुरक्षित भवनों के चिन्हीकरण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बीती देर शाम वर्चुअल बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी भवन को जर्जर अथवा गिरासू घोषित करने से पहले उसके तकनीकी और संरचनात्मक पहलुओं की गहन जांच की जाए। उन्होंने कहा कि भवन की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन किए बिना कोई निर्णय न लिया जाए, ताकि जनसुरक्षा के साथ-साथ अनावश्यक कार्रवाई से भी बचा जा सके। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों, नगर निगम एवं नगर पालिका परिषदों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों का प्राथमिकता के आधार पर सर्वेक्षण एवं चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए। सर्वेक्षण के दौरान भवन की वर्तमान स्थिति, संरचनात्मक मजबूती तथा आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा समेत अन्य आवश्यक पहलुओं का परीक्षण करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने नगर निगम, नगर पालिका परिषदों, लोक निर्माण विभाग और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अधिकारियों को भवनों के तकनीकी निरीक्षण के लिए विशेषज्ञ तकनीकी टीमें गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों के समन्वय से तकनीकी सर्वेक्षण कर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भवन को गिरासू घोषित करने की कार्रवाई में तकनीकी और विधिक दोनों पहलुओं का पूरी तरह पालन किया जाए। जनसुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने अधिकारियों को संभावित दुर्घटनाओं और जनहानि को रोकने के लिए समय रहते सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद सहित कई लोग शामिल रहे।

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