रुद्रपुर। उधम सिंह नगर में एमबीबीएस फर्जी सर्टिफिकेट मामले में अभी तक मास्टर माइंड समेत 3 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके बाद गदरपुर में पांच लोगों के खिलाफ एमबीबीएस में एडमिशन लेने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने के आरोप में मुकदमा दर्ज करते हुए प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए हैं।
गदरपुर तहसील क्षेत्र में कूटरचित अभिलेखों के आधार पर स्थायी निवास, जाति एवं अन्य प्रमाण-पत्र बनवाने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि इन प्रमाण-पत्रों का इस्तेमाल देहरादून में नीट के बाद एमबीबीएस में प्रवेश के उद्देश्य से किया जाना था। प्रशासन ने अब तक पांच व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रमाण-पत्र निरस्त किए हैं और एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में दो संदिग्धों से पूछताछ के साथ उनके मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। गदरपुर की उपजिलाधिकारी डॉ. अमृता शर्मा के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा कूटरचित अभिलेखों के आधार पर सरकारी प्रमाण-पत्र तैयार करवाए गए थे। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि इन प्रमाण-पत्रों का उपयोग देहरादून में नीट परीक्षा के बाद एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जाना था। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने अभिलेखों की जांच शुरू की और संबंधित प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की कार्रवाई की। प्रकरण की जांच के दौरान निखिल वर्मा एवं शुभम हुडिया, निवासी गदरपुर, की भूमिका सामने आने पर दोनों से गहन पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान दोनों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। प्रशासन के अनुसार मोबाइल फोन में प्रकरण से संबंधित रिकॉर्डिंग एवं दस्तावेज पाए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों मोबाइल फोन को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
उप जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कूटरचित अभिलेख तैयार कर सरकारी प्रमाण-पत्र प्राप्त करने अथवा उनके आधार पर अनुचित लाभ लेने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान यदि प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।






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