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  • Written By: Admin
  • Published: September 20, 2025 09:42 PM IST
उत्तराखंड

सीएम बोले, 30 सितंबर तक अलर्ट मोड में रहें अफसर

रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। सीएम ने कहा कि सरकार पूरी तरह प्रभावितों के साथ खड़ी है। इस दौरान सीएम ने अफसरों की बैठक ली, जिसमें उन्होंने 30 सितम्बर तक अर्लट मोड में रहते हुए आपदाओं से निपटने को तैयार रहने को कहा है। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित बसुकेदार क्षेत्र के तालजामण, डूंगर, बड़ेथ, जौला, कमद, उछोला, छेनागाड़, पाट्यू आदि गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। जबकि इसके बाद रुद्रप्रयाग पहुंचकर जिला पंचायत सभागार में अफसरों की बैठक लेते हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों, विद्युत, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, मोटर मार्गों की स्थिति के साथ ही केदारनाथ धाम यात्रा सीजन के द्वितीय चरण की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मुख्यमंत्री को जनपद में मानसून काल के साथ ही 28 अगस्त को आई आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी। उन्होंने आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने एवं राहत शिविरों में आश्रय देने की व्यवस्था, खाद्यान्न किट, रिफ्रेशमेंट किट, सोलर लाइट, कंबल, टेंट, तिरपाल, टॉर्च, चिकित्सा सुविधाएं एवं मेडिकल कैंप संचालित किए जाने राहत एवं बचाव कार्यों में मानवीय संसाधन, हेली सेवा द्वारा प्रसव पीड़िताओं को अस्पताल पहुंचाना, खाद्यान्न वितरण आपदा से पशु क्षति, निजी संपत्ति एवं पशुधन क्षति, भवन व गौशालाओं की क्षति सहित सड़क मार्ग, पेयजल योजनाएं, विद्युत पोल-ट्रांसफार्मर, कृषि भूमि आदि प्रभावित हुए परिसंपत्तियों के विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को जनपद के सड़क मार्गों पर जवाड़ी बाईपास, सिरोबगड़, मुनकटिया, गौरीकुंड हाईवे सहित संवेदनशील स्थलों के अलावा केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर हुए नुकसान एवं सुधार कार्यों की जानकारी भी दी। जबकि केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण में अनुमानित यात्रियों की संख्या, हेली सेवाओं एवं व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी दी। विधायक भरत सिंह चौधरी एवं आशा नौटियाल ने आपदा की घड़ी में सकार की ओर से त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति, सड़क मार्ग निर्माण एवं अन्य समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मानसून काल में समूचे प्रदेश ने आपदा के कारण कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने प्रभावितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आपदा के समय जिला प्रशासन की तत्परता से कार्य करने पर सराहना की। सीएम ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने से परिवारों को हौसला मिला है। उन्होंने सभी को प्रभावित लोगों को अपने परिवार का सदस्य समझकर सहायता करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लगातार प्रदेश में आई आपदा की स्थिति की जानकारी उनसे समय समय पर लेते रहते हैं। जबकि वह स्वयं देहरादून पहुंचकर प्रभावितों से मिले, और तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ धाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुगम बनाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करना होगा। इस मौके पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष रितु नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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